🏥 ICAR-IVRI पशु चिकित्सा गाइड 2026
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महत्वपूर्ण: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। पशु बीमार होने पर तुरंत नज़दीकी पशु चिकित्सक से सम्पर्क करें।
| नस्ल | उत्पत्ति स्थान | विशेषता |
| गिर (Gir) | गुजरात — गिर वन, जूनागढ़, अमरेली, भावनगर | भारत की सर्वश्रेष्ठ दूध देने वाली देसी नस्ल · 1200–1800 L/लैक्टेशन · A2 दूध · लम्बे लटकते कान · उभरा माथा · गर्मी-सहिष्णु · ब्राज़ील में भी प्रसिद्ध |
| साहीवाल (Sahiwal) | पंजाब (मूलतः पाकिस्तान) — मोंटगोमरी क्षेत्र · भारत में पंजाब, UP, राजस्थान | दूध 1500–2500 L/लैक्टेशन · सबसे अधिक दूध देने वाली भारतीय नस्ल · शांत स्वभाव · लाल-भूरी खाल · थनैला-प्रतिरोधी · Cross breeding आधार |
| रेड सिंधी (Red Sindhi) | सिंध (पाकिस्तान, मूल) · भारत में केरल, तमिलनाडु, पंजाब, ओडिशा | दूध 1000–1500 L/लैक्टेशन · गहरे लाल रंग · उष्णकटिबन्धीय जलवायु के लिए · रोग-प्रतिरोधी · छोटे किसानों के लिए उपयुक्त |
| थारपारकर (Tharparkar) | राजस्थान — बाड़मेर, जैसलमेर, थार मरुस्थल · सिंध (पाकिस्तान) सीमावर्ती | दूध 1000–1400 L/लैक्टेशन · सफेद-भूरी खाल · अत्यंत गर्मी और सूखा-सहिष्णु · मरुस्थल में भी जीवित · NBAGR द्वारा संरक्षित |
| राठी (Rathi) | राजस्थान — गंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़ जिला | दूध 1000–1200 L/लैक्टेशन · भूरी-सफेद धब्बेदार खाल · सूखा-सहिष्णु · राजस्थान में किसानों की सबसे पसंदीदा दूध नस्ल |
ICAR-NBAGR (करनाल, हरियाणा) — राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो। भारत की सभी देसी गाय नस्लों का पंजीकरण, संरक्षण और अनुसंधान यहाँ होता है।
| नस्ल | उत्पत्ति स्थान | विशेषता |
| ओंगोल (Ongole) | आंध्र प्रदेश — प्रकाशम जिला, ओंगोल तहसील | भारत की सबसे बड़ी गाय नस्ल · बैल भार-कार्य के लिए आदर्श · 500–700 kg वजन · सफेद रंग · बड़ा कूबड़ · विश्व में निर्यातित · दूध भी मध्यम |
| हरियाणा (Hariana) | हरियाणा — रोहतक, हिसार, सोनीपत, करनाल | कृषि कार्य + दूध · 800–1000 L/लैक्टेशन · तेज़ चलने वाले बैल · सफेद रंग · उत्तर भारत में सबसे अधिक प्रयुक्त |
| कांकरेज (Kankrej) | गुजरात — बनासकांठा, पाटन, साबरकांठा जिला | 400–500 kg · चाँदी-भूरा रंग · दूध 1000–1200 L · तेज़ बैल · अमेरिका में Brahman नस्ल के विकास में योगदान · गर्मी-सहिष्णु |
| अमृतमहल (Amritmahal) | कर्नाटक — चित्रदुर्ग, चिकमगलूर, हासन | युद्ध काल में तोपें खींचने के लिए · अत्यंत फुर्तीले बैल · 300–400 kg · गहरे भूरे-काले रंग · NBAGR द्वारा संरक्षित अनुसूची |
| हल्लीकर (Hallikar) | कर्नाटक — मांड्या, मैसूर, तुमकुर जिला | दक्षिण भारत की सर्वश्रेष्ठ ड्राफ्ट नस्ल · फुर्तीले बैल · 300–380 kg · सफेद-भूरा रंग · चावल खेती के लिए आदर्श |
| नस्ल | उत्पत्ति स्थान | मुख्य उपयोग | विशेषता |
| देओनी (Deoni) | महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा — लातूर, बीदर | दूध + भार | 800–1000 L/लैक्टेशन · सफेद-काले धब्बे · द्विउद्देशीय · मराठवाड़ा में लोकप्रिय |
| निमाड़ी (Nimari) | मध्य प्रदेश — खंडवा, खरगोन (निमाड़ क्षेत्र) | भार + दूध | 300–400 kg · लाल-भूरा रंग · नर्मदा घाटी के लिए · कृषि कार्य में उपयोगी |
| कंगायम (Kangayam) | तमिलनाडु — कोयम्बटूर, इरोड, तिरुपुर | भार (ड्राफ्ट) | तेज़ और सहनशील बैल · 300–380 kg · ग्रे-सफेद रंग · गन्ना खेती में प्रयुक्त |
| वेचूर (Vechur) | केरल — कोट्टायम, एर्नाकुलम | दूध (A2) | विश्व की सबसे छोटी गाय नस्ल · 100–150 kg · A2 औषधीय दूध · केरल आयुर्वेद में उपयोग · Guinness Record |
| पुंगनूर (Punganur) | आंध्र प्रदेश — चित्तूर जिला, पुंगनूर | दूध (A2) | अत्यंत दुर्लभ · 70–100 kg · उच्च वसा A2 दूध · संकटापन्न नस्ल · NBAGR संरक्षण सूची |
ICAR-NBAGR, करनाल (हरियाणा) — भारत में 50+ देसी गाय नस्लों का पंजीकरण। GIR, Sahiwal, Ongole जैसी नस्लों को GI Tag प्राप्त है। Helpline: 0184-2267685
खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) भारत के पशुओं में सबसे अधिक आर्थिक क्षति करने वाला वायरल रोग है। यह Aphthovirus (Picornaviridae परिवार) के कारण होता है। भारत में मुख्यतः Serotype O, A और Asia-1 पाए जाते हैं। ICAR-IVRI की रिपोर्ट के अनुसार भारत में FMD से सालाना ₹20,000 करोड़ से अधिक का नुकसान होता है।
| विषय | विवरण |
| रोगकारक | Aphthovirus (Picornaviridae) |
| Serotypes | O, A, Asia-1 (भारत में) |
| प्रसार | सम्पर्क, हवा, दूषित चारा-पानी, पशु मेले |
| प्रभावित पशु | गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर |
| मृत्यु दर (वयस्क) | 1–5% (बछड़ों में 50% तक) |
| रोग फैलने का मौसम | सभी मौसम · वर्षा के बाद अधिक |
| ICAR-IVRI सन्दर्भ | IVRI, Izatnagar · FMD Control Programme (GoI) |
| लक्षण | विवरण |
| तेज़ बुखार | 104–106°F (40–41°C), अचानक आता है |
| मुंह में छाले | जीभ, मसूड़े, तालू पर छोटे दाने → बड़े छाले → घाव |
| लार टपकना | मुंह से लगातार लार/झाग बहना, जुगाली बंद |
| खुरों में छाले | खुरों के बीच सूजन, दर्द, गाय लंगड़ाने लगती है |
| दूध में कमी | दूध उत्पादन अचानक 50–80% तक घट जाता है |
| थनों पर घाव | दूधारू गायों के थनों पर भी छाले बन सकते हैं |
| बछड़ों में मृत्यु | युवा बछड़ों में हृदय पर प्रभाव → मृत्यु संभव |
बछड़ों में FMD अधिक घातक होता है — मृत्यु दर 50% तक हो सकती है। तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ।
FMD का कोई सीधा एंटीवायरल उपचार नहीं है। उपचार लक्षणात्मक होता है। मुख्य लक्ष्य — द्वितीयक संक्रमण रोकना, घाव ठीक करना, पशु को सहारा देना।
| उपचार | विधि / दवा |
| मुंह के घाव | फिटकरी + पानी या Potassium Permanganate (1:1000) से धोना · Boroglycerin paste लगाना |
| खुर के घाव | CuSO₄ (5%) या Phenol (1%) से धोना · Copper Sulphate footbath |
| बुखार | Meloxicam / Flunixin Meglumine (पशु चिकित्सक द्वारा) |
| द्वितीयक संक्रमण | Oxytetracycline / Ampicillin (पशु चिकित्सक द्वारा) |
| आहार | नरम चारा, दलिया, हरा घास · कठोर भूसा न दें |
| आइसोलेशन | बीमार पशु को 14 दिन अलग रखें · पानी-चारा अलग |
| परिसर | Sodium Carbonate (4%) या Sodium Hydroxide से छिड़काव |
| विषय | विवरण |
| टीके का प्रकार | Inactivated Trivalent Oil-adjuvanted Vaccine (O+A+Asia-1) |
| पहला टीका | 4 माह की आयु में |
| बूस्टर | पहले टीके के 1 माह बाद |
| पुनः टीकाकरण | हर 6 माह पर (साल में 2 बार) |
| सरकारी योजना | GoI — FMD-CP (FMD Control Programme) — निःशुल्क |
| टीका कहाँ मिलेगा | ICAR-IVRI, Izatnagar · पशु चिकित्सालय · सरकारी कैम्प |
| सावधानी | गर्भवती गाय को टीका — पशु चिकित्सक की सलाह से ही |
सरकारी कार्यक्रम: भारत सरकार के FMD-CP कार्यक्रम के अंतर्गत गाय-भैंस को निःशुल्क FMD टीकाकरण मिलता है। नज़दीकी पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करें।
लंपी स्किन डिज़ीज़ (LSD) Capripoxvirus के कारण होने वाला वायरल रोग है। 2022 में भारत में यह बड़े पैमाने पर फैला — 15 राज्यों के 251 जिलों में 20 लाख से अधिक पशु प्रभावित हुए और 1.84 लाख से अधिक पशुओं की मृत्यु हुई। यह मुख्यतः मच्छर, मक्खी, जूँ और टिक के माध्यम से फैलता है।
| विषय | विवरण |
| रोगकारक | Capripoxvirus (Poxviridae परिवार) |
| प्रसार | मच्छर, मक्खी, टिक, जूँ (कीट-वाहक), सीधा सम्पर्क |
| प्रभावित पशु | मुख्यतः गाय-भैंस · विदेशी नस्ल अधिक संवेदनशील |
| मृत्यु दर | 1–5% (कमज़ोर पशुओं में अधिक) |
| 2022 प्रकोप | 20 लाख+ प्रभावित · 1.84 लाख+ मृत्यु · 15 राज्य |
| IVRI योगदान | LSD vaccine — Lumpi-ProVacInd (ICAR-IVRI + NRCE विकसित) |
| चरण | लक्षण |
| प्रारम्भिक (1-3 दिन) | तेज़ बुखार (104-106°F), आँखों से पानी, नाक बहना, भूख कम |
| मुख्य (4-14 दिन) | पूरे शरीर पर 2–5 cm व्यास की गोल-गोल सख्त गाँठें बनना |
| गाँठों का विकास | गाँठें पकती हैं → फटती हैं → गहरे घाव बनते हैं |
| लसीका ग्रंथियाँ | गले, कंधे की लसीका ग्रंथियाँ (lymph nodes) सूज जाती हैं |
| दूध उत्पादन | 50-70% तक कमी · थनों पर भी गाँठें बन सकती हैं |
| पैरों में सूजन | पैरों में एडिमा (सूजन), गाय लंगड़ाने लगती है |
| निमोनिया | गम्भीर मामलों में फेफड़ों में भी संक्रमण |
| उपचार | विधि |
| घावों की सफाई | Povidone-Iodine (Betadine) से धोना · Zinc oxide ointment लगाना |
| बुखार | Meloxicam / Phenylbutazone (पशु चिकित्सक द्वारा) |
| द्वितीयक संक्रमण | Broad-spectrum Antibiotics — Oxytetracycline / Enrofloxacin |
| मच्छर-मक्खी नियंत्रण | Cypermethrin spray · Neem oil · मच्छरदानी |
| आइसोलेशन | कम से कम 28 दिन अलग रखें |
| पोषण | विटामिन A+E, खनिज मिश्रण, हरा चारा अधिक दें |
ICAR-IVRI की उपलब्धि: ICAR-IVRI और NRCE ने मिलकर स्वदेशी Lumpi-ProVacInd टीका विकसित किया जो 2022 से उपलब्ध है।
| विषय | विवरण |
| टीके का नाम | Lumpi-ProVacInd |
| विकसित किया | ICAR-IVRI, Bareilly + ICAR-NRCE, Bikaner |
| टीके का प्रकार | Live Attenuated Vaccine (Sheep Pox Vaccine से) |
| आयु | 4 माह से ऊपर सभी पशुओं को |
| पुनः टीकाकरण | वार्षिक (प्रकोप क्षेत्र में तुरंत) |
| उपलब्धता | पशु चिकित्सालय · सरकारी शिविर · IVRI केन्द्र |
IBR Bovine Herpesvirus-1 (BHV-1) के कारण होता है। यह श्वसन तंत्र, आँखें, और प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है। एक बार संक्रमित होने के बाद वायरस पशु के शरीर में latent (सुप्त) रहता है और तनाव की स्थिति में पुनः सक्रिय हो जाता है।
| लक्षण | विवरण |
| तेज़ बुखार | 104–106°F · अचानक आना |
| नाक बहना | पहले पानी जैसा · फिर गाढ़ा पीला स्राव |
| आँखें लाल | Conjunctivitis · आँखों से स्राव · Cornea पर सफेद धब्बे |
| खाँसी | सूखी खाँसी · साँस लेने में कठिनाई · Tracheitis |
| गर्भपात | गर्भवती गाय में गर्भपात · बाँझपन |
| बछड़ों में | Encephalitis (मस्तिष्क सूजन) · अधिक घातक |
| उपचार | विधि |
| वायरल उपचार | कोई एंटीवायरल नहीं · सहायक उपचार |
| आइसोलेशन | बीमार पशु को तुरंत अलग करें |
| Anti-inflammatory | Meloxicam/Flunixin (बुखार-सूजन के लिए) |
| Antibiotics | Secondary bacterial infection रोकने के लिए |
| टीकाकरण | MLV (Modified Live Virus) या KV (Killed Virus) Vaccine · 4-6 माह पर पहला |
| विषय | विवरण |
| टीके का प्रकार | MLV (Modified Live Vaccine) या KV (Killed Vaccine) |
| पहला टीका | 4–6 माह की आयु में |
| पुनः टीकाकरण | वार्षिक — प्रजनन सीज़न से पहले |
| इंजेक्शन स्थान | गर्दन की मांसपेशी (Intramuscular — IM) या नाक में (Intranasal) |
| मात्रा | 2 ml (IM) — पशु चिकित्सक के अनुसार |
| सुई का साइज़ | 18–20 gauge, 1.5 इंच |
| गर्भवती गाय | MLV न दें — KV (Killed) ही दें · पशु चिकित्सक की सलाह लें |
| कहाँ मिलेगा | पशु चिकित्सालय · Commercial veterinary stores |
इंजेक्शन कैसे लगाएँ: गर्दन के बाईं या दाईं तरफ की मोटी मांसपेशी में सुई 90° कोण पर डालें। पहले थोड़ा खींचें (blood न आए), फिर धीरे-धीरे दवा डालें। इंजेक्शन के बाद हल्की मालिश करें।
गलघोंटू (HS) Pasteurella multocida Serotype B:2 जीवाणु के कारण होता है। यह भारत में गाय-भैंस की सबसे घातक जीवाणु बीमारियों में से एक है। बिना उपचार के पशु की मृत्यु 24–72 घंटों में हो जाती है। वर्षा के बाद (जून-सितंबर) सबसे अधिक प्रकोप होता है।
| विषय | विवरण |
| रोगकारक | Pasteurella multocida (B:2) |
| मुख्य मौसम | जून–सितंबर (वर्षाकाल) |
| मृत्यु दर | 90–100% (बिना उपचार) |
| मृत्यु की गति | 24–72 घंटे में मृत्यु संभव |
| प्रभावित पशु | गाय, भैंस (6 माह – 2 वर्ष अधिक संवेदनशील) |
| प्रसार | संक्रमित पशु का मल-मूत्र, दूषित जल, चारा |
| लक्षण | विवरण |
| तेज़ बुखार | 106–107°F (41–42°C) · अचानक |
| गले-गर्दन में सूजन | गर्दन + गले के आसपास गर्म, दर्दनाक सूजन |
| साँस की कठिनाई | घुरघुराने की आवाज़ · मुंह खोलकर साँस लेना |
| लार बहना | मुंह से झाग/लार बहना · जीभ बाहर |
| चाल विकार | लड़खड़ाना · गाय की पीठ मुड़ जाती है |
| मृत्यु | 24–72 घंटे में अगर उपचार न हो |
आपातकाल: गलघोंटू में तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ — बिना उपचार 24-72 घंटे में मृत्यु हो सकती है।
| उपचार/टीका | विवरण |
| मुख्य एंटीबायोटिक | Oxytetracycline LA (20%) — IV / IM (पशु चिकित्सक द्वारा) |
| वैकल्पिक | Ampicillin + Sulbactam · Penicillin G |
| सहायक उपचार | IV Fluids (NS/RL) · Corticosteroids (गम्भीर में) |
| टीका (HS Vaccine) | Oil Adjuvant HS Vaccine · ICAR-IVRI, Izatnagar |
| पहला टीका | 6 माह की आयु में |
| पुनः टीकाकरण | वार्षिक — वर्षाकाल से पहले (मई-जून) |
| संयुक्त टीका | HS+BQ (गलघोंटू+एकटंगिया) Combined Vaccine उपलब्ध |
ब्लैक क्वार्टर (BQ/एकटंगिया) Clostridium chauvoei जीवाणु के बीजाणुओं (spores) से होता है जो मिट्टी में वर्षों तक जीवित रहते हैं। 6–24 माह के स्वस्थ और मोटे बछड़े अधिक संवेदनशील होते हैं। भारत में वर्षाकाल (जुलाई-सितंबर) में इसका प्रकोप अधिक होता है।
| लक्षण | विवरण |
| अचानक लंगड़ाना | कंधे, जाँघ, पीठ की मांसपेशियाँ अचानक सूज जाती हैं |
| सूजन में आवाज़ | सूजन को दबाने पर Crepitus (चरमराने की आवाज़) आती है |
| गर्म-दर्दनाक सूजन | पहले गर्म, दर्दनाक → बाद में ठंडी, सुन्न, काली |
| तेज़ बुखार | 106–107°F · अचानक |
| मांसपेशी काली पड़ना | प्रभावित क्षेत्र काला, गंधयुक्त (gas gangrene) |
| मृत्यु | 12–48 घंटे में बिना उपचार मृत्यु |
| उपचार/टीका | विवरण |
| एंटीबायोटिक | High dose Penicillin G (IV) — तुरंत पशु चिकित्सक द्वारा |
| BQ Antiserum | उपलब्ध हो तो तुरंत दें |
| टीका (BQ Vaccine) | Formalin-inactivated C. chauvoei · ICAR-IVRI विकसित |
| पहला टीका | 6 माह की आयु में · बूस्टर 1 माह बाद |
| पुनः टीकाकरण | वार्षिक (वर्षाकाल से पहले) |
| विषय | विवरण |
| टीके का प्रकार | Formalin-inactivated C. chauvoei Vaccine (BQ Vaccine) |
| संयुक्त टीका | HS+BQ Combined Vaccine — एक ही इंजेक्शन में दोनों बीमारियों से बचाव |
| पहला टीका | 6 माह की आयु में |
| बूस्टर | पहले टीके के 1 माह बाद |
| पुनः टीकाकरण | वार्षिक — वर्षाकाल से पहले (मई–जून) |
| इंजेक्शन स्थान | गर्दन की मांसपेशी (Intramuscular — IM) |
| मात्रा | 5 ml (IM) — पशु चिकित्सक के अनुसार |
| सुई का साइज़ | 16–18 gauge, 1.5 इंच |
| कहाँ मिलेगा | ICAR-IVRI, Izatnagar · पशु चिकित्सालय · सरकारी कैम्प |
सरकारी कार्यक्रम: HS+BQ Combined Vaccine वर्षाकाल से पहले सरकारी कैम्पों में निःशुल्क लगाई जाती है। नज़दीकी पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करें।
इंजेक्शन कैसे लगाएँ: गर्दन के पिछले हिस्से की मोटी मांसपेशी में सुई 90° पर डालें। Plunger खींचकर confirm करें blood न आए, फिर धीरे दवा डालें। इंजेक्शन वाली जगह 1–2 मिनट हल्की मालिश करें।
Zoonotic रोग: एंथ्रेक्स मनुष्यों को भी हो सकता है — मरे पशु को न छुएँ, तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को सूचित करें।
| विषय | विवरण |
| रोगकारक | Bacillus anthracis (Endospore forming) |
| मुख्य लक्षण | अचानक मृत्यु · नाक/मुंह से काला खून · सूजन |
| मृत्यु दर | 80–100% (बिना उपचार) |
| Peracute form | बिना लक्षण 1–2 घंटे में मृत्यु · मुंह-नाक से खून |
| Acute form | बुखार, शरीर में सूजन (Edema), श्वास कठिनाई |
| मरे पशु का | शव न चीरें — spores फैलते हैं · 5 फुट गहरा दफनाएं+चूना डालें |
| उपचार | High dose Penicillin G + Anthrax Antiserum (शीघ्र) |
| टीका | Live Anthrax Spore Vaccine · ICAR-IVRI, Izatnagar · वार्षिक |
सावधानी: Anthrax Vaccine एक Live vaccine है — इसे केवल पशु चिकित्सक ही लगाएँ। टीके के 10 दिन पहले और बाद में Antibiotic न दें।
| विषय | विवरण |
| टीके का प्रकार | Live Anthrax Spore Vaccine (Sterne Strain 34F2) |
| पहला टीका | 6 माह की आयु में |
| पुनः टीकाकरण | वार्षिक — प्रकोप वाले क्षेत्रों में मार्च–अप्रैल |
| इंजेक्शन स्थान | गर्दन के नीचे की त्वचा के नीचे (Subcutaneous — SC) |
| मात्रा | 1 ml (SC) — ICAR-IVRI निर्देशानुसार |
| सुई का साइज़ | 20–22 gauge, 1 इंच |
| SC इंजेक्शन विधि | गर्दन की ढीली त्वचा उठाएँ → तम्बू बनाएँ → सुई त्वचा के नीचे तिरछी डालें |
| गर्भवती गाय | Live vaccine — पशु चिकित्सक की सलाह अनिवार्य |
| कहाँ मिलेगा | ICAR-IVRI, Izatnagar · पशु चिकित्सा विभाग |
थनैला (Mastitis) दूधारू गायों का सबसे आम और आर्थिक रूप से सबसे हानिकारक रोग है। भारत में इससे सालाना ₹8,000 करोड़ से अधिक का नुकसान होता है। यह थन (Udder) की सूजन है जो मुख्यतः जीवाणुओं के कारण होती है।
| प्रकार | मुख्य रोगकारक जीवाणु | विशेषता |
| Contagious Mastitis | S. aureus, Str. agalactiae | थन से थन में · दूध निकालते वक्त |
| Environmental Mastitis | E. coli, Klebsiella, Streptococcus | वातावरण से · गंदगी में अधिक |
| Subclinical Mastitis | S. aureus, CNS | बाहरी लक्षण नहीं · SCC बढ़ा हुआ |
| प्रकार | लक्षण |
| Clinical (सामान्य) | थन लाल, सूजा, गर्म, दर्दनाक · दूध में गुच्छे/मवाद · दूध कम |
| Peracute (गम्भीर) | तेज़ बुखार · पूरे थन में सूजन · गाय खड़ी न हो · Septicemia |
| Subclinical (छुपा हुआ) | बाहरी लक्षण नहीं · SCC (Somatic Cell Count) > 2 लाख/ml · California Mastitis Test (CMT) से पकड़ें |
CMT Test घर पर करें: दूध की कुछ बूँदें + CMT reagent मिलाएँ — अगर गाढ़ा हो जाए तो Subclinical Mastitis है। पशु चिकित्सक से मिलें।
| उपाय | विधि |
| Intramammary Infusion | Cloxacillin / Penicillin+Novobiocin Infusion — थन में (पशु चिकित्सक) |
| Systemic Antibiotics | Ceftiofur / Ampicillin / Oxytetracycline — IM/IV |
| Dry Cow Therapy (DCT) | दूध सूखने पर Dry Cow Antibiotic Tube लगाएँ — Subclinical से बचाव |
| स्वच्छता | थन धोना · दूध दुहने से पहले-बाद में Iodine dip · बर्तन साफ |
| दुग्ध क्रम | पहले स्वस्थ गाय, बाद में बीमार गाय का दूध निकालें |
| टीकाकरण | S. aureus / Str. agalactiae Mastitis Vaccine (ICAR-IVRI) |
❌ गलत प्रबंधन
- गंदे हाथों से दूध निकालना
- दूध दुहने के बाद थन न धोना
- बीमार-स्वस्थ गाय एक साथ
- Subclinical को नज़रअंदाज़ करना
✅ सही प्रबंधन
- दुहने से पहले थन Iodine से पोंछें
- दुहने के बाद Post-dip ज़रूर करें
- Dry Cow Therapy अपनाएँ
- CMT Test नियमित करें
| विषय | विवरण |
| टीके का प्रकार | Staphylococcal / Streptococcal Mastitis Vaccine (Killed) |
| कब लगाएँ | Dry Period (दूध सूखने के समय) में — ब्याने से 6–8 सप्ताह पहले |
| बूस्टर | पहले इंजेक्शन के 2 सप्ताह बाद दूसरा |
| पुनः टीकाकरण | हर ब्याने से पहले Dry Period में |
| इंजेक्शन स्थान | गर्दन या कंधे के पीछे की मांसपेशी (Intramuscular — IM) |
| मात्रा | 2–5 ml (IM) — लेबल के अनुसार |
| सुई का साइज़ | 18 gauge, 1.5 इंच |
| Dry Cow Therapy (DCT) | टीके के साथ Dry Cow Antibiotic Tube भी लगाएँ — Subclinical Mastitis से बचाव |
| कहाँ मिलेगा | ICAR-IVRI · Commercial — Lysigin, Startvac आदि |
Dry Cow Therapy + Vaccine एक साथ: Dry Period में Mastitis Vaccine का इंजेक्शन लगाएँ और उसी दिन Dry Cow Antibiotic Tube थन में डालें। यह combination Mastitis से सबसे अच्छी सुरक्षा देता है।
थाइलेरिया Theileria annulata प्रोटोज़ोआ परजीवी के कारण होता है जो Hyalomma नामक टिक (किलनी) से फैलता है। HF/Jersey जैसी विदेशी नस्ल और उनके संकर इससे अधिक प्रभावित होते हैं।
| लक्षण | विवरण |
| तेज़ बुखार | 105–107°F · लगातार · पहला प्रमुख लक्षण |
| लसीका ग्रंथियाँ सूजना | कंधे + गले की ग्रंथियाँ सूज जाती हैं |
| पीली आँखें | Icterus (पीलिया) · आँख-मुंह की झिल्ली पीली-सफेद |
| Haemoglobinuria | लाल/भूरे रंग का पेशाब · RBC टूटने से |
| साँस कठिनाई | फेफड़ों में तरल · नाक से झाग |
| दूध कमी | दूध लगभग बंद हो जाता है |
| उपचार | विधि |
| मुख्य दवा | Buparvaquone (Butalex) — IM (पशु चिकित्सक द्वारा) |
| Supportive | IV Fluids · Haematinics · Vitamin B12 |
| किलनी नियंत्रण | Cypermethrin / Deltamethrin spray · नियमित Acaricide |
| बचाव | पशुशाला में Tick control · संक्रमित पशुओं से दूरी |
थाइलेरिया का कोई व्यापक रूप से उपलब्ध टीका भारत में अभी नहीं है। बचाव का मुख्य तरीका Tick (किलनी) नियंत्रण और तुरंत इलाज है।
| विषय | विवरण |
| मुख्य दवा (इलाज) | Buparvaquone (Butalex) — 2.5 mg/kg — Intramuscular (IM) |
| इंजेक्शन स्थान | गर्दन या नितंब की मांसपेशी (IM) — पशु चिकित्सक द्वारा |
| मात्रा (उदाहरण) | 200 kg गाय → 20 ml Buparvaquone |
| सुई का साइज़ | 16–18 gauge, 1.5 इंच |
| Tick नियंत्रण | Deltamethrin / Cypermethrin spray — हर 15–21 दिन · पूरे शरीर पर |
| Acaricide Dip | Amitraz (0.05%) में पूरी गाय डुबोएँ — प्रकोप में |
| Tick नाशक spray | Butox / Ectomin — बाज़ार में उपलब्ध · पशु चिकित्सक की सलाह से |
| टीका | ICAR-IVRI में शोध जारी · अभी व्यापक रूप से उपलब्ध नहीं |
Tick (किलनी) ही असली दुश्मन है — गाय के शरीर से किलनी हाथ से न निकालें (मुँह रह जाता है)। Tick Remover या चिमटी से घुमाकर निकालें। नियमित Acaricide spray सबसे ज़रूरी है।
दुग्ध ज्वर (Milk Fever) ब्याने के बाद रक्त में कैल्शियम की अचानक कमी के कारण होता है। दूध उत्पादन शुरू होने पर शरीर का कैल्शियम दूध में चला जाता है। उच्च दुग्ध उत्पादन वाली HF/Jersey गायों में अधिक होता है।
| चरण | लक्षण |
| Stage 1 (हल्का) | बेचैनी · खुरों से ज़मीन खुरचना · हल्का कंपकंपी |
| Stage 2 (सामान्य) | गाय उठ नहीं पाती · गर्दन S-आकार में मुड़ जाती है · ठंडे कान |
| Stage 3 (गम्भीर) | पूरी तरह लेट · बेहोशी · मृत्यु का खतरा |
| उपचार / बचाव | विधि |
| मुख्य उपचार | Calcium Borogluconate (20–25%) — IV (धीरे-धीरे) — पशु चिकित्सक |
| Sub-cut भी दे सकते | Calcium Borogluconate SC — विभिन्न स्थानों पर |
| बचाव — आहार | ब्याने से 2 सप्ताह पहले से Calcium supplement · Vit D₃ |
| बचाव — Low Ca Diet | ब्याने से 2-3 सप्ताह पहले कम कैल्शियम आहार (DCAD diet) |
| ब्याने के बाद | Calcium Drench (मुँह से) — 24 और 48 घंटे पर |
| विषय | विवरण |
| मुख्य दवा | Calcium Borogluconate 20–25% Solution (450 ml bottle) |
| IV (नस में) | गर्दन की जुगुलर नस (Jugular vein) में — पशु चिकित्सक द्वारा — बहुत धीरे (30 मिनट में) |
| SC (त्वचा के नीचे) | गर्दन, कंधे, पसली के पास — 2–3 अलग-अलग जगह बाँट कर दें |
| मात्रा | 400–450 ml Calcium Borogluconate (IV) — गाय के वज़न अनुसार पशु चिकित्सक तय करेंगे |
| SC सुई का साइज़ | 16 gauge, 1.5 इंच |
| IV सुई का साइज़ | 14–16 gauge, 2 इंच — IV set से |
| गति | बहुत धीरे दें — तेज़ देने से दिल की धड़कन बिगड़ सकती है |
| दोबारा कब दें | 6–8 घंटे बाद SC में दूसरी bottle (अगर सुधार न हो) |
| Vitamin D3 | ब्याने से 2–8 दिन पहले Vitamin D3 injection — बचाव के लिए |
| Calcium Drench | ब्याने के तुरंत बाद + 12 घंटे बाद मुँह से Calcium Drench दें |
IV Calcium खुद न दें — जुगुलर नस में injection और Calcium की गति का सही अनुमान ज़रूरी है। गलत गति से Cardiac arrest हो सकता है। हमेशा पशु चिकित्सक को बुलाएँ।
SC आसान और सुरक्षित है: अगर पशु चिकित्सक तुरंत न आ सकें तो SC route से Calcium दिया जा सकता है। गर्दन के दोनों तरफ और कंधे पर 150–150 ml बाँट कर दें।
| प्रकार | कारण | विशेषता |
| Frothy Bloat | Legume (लोबिया, बरसीम, ल्यूसर्न) अधिक खाने से | झाग वाली गैस · Foam stabilizers से |
| Free Gas Bloat | रूमेन से गैस निकलने का रास्ता बंद | शुद्ध गैस · Oesophagus blockage |
| लक्षण | विवरण |
| बायीं पसली उभरना | बायाँ पेट (Rumen) गुब्बारे जैसा फूल जाता है |
| साँस कठिनाई | गाय मुंह खोलकर साँस लेती है · बेचैनी |
| पेट पर ठोकने पर | Drum जैसी आवाज़ (Tympanic resonance) |
| अचानक मृत्यु | गम्भीर तिम्पनी में श्वसन रुकने से मृत्यु |
| उपचार | विधि |
| हल्के मामले | नमक-सरसों तेल (250 ml) मुँह से · हल्की चाल · पेट की मालिश |
| Frothy Bloat | Poloxalene (Bloat Guard) 30–60 g · Dimethicone (Antifoaming agent) |
| Stomach Tube | Oesophageal tube से गैस निकालना (पशु चिकित्सक) |
| आपातकाल | Trocar & Cannula — बायीं पसली में needle डालकर गैस निकालना |
| बचाव | सूखे भूसे के बाद हरा चारा दें · गीले बरसीम न खिलाएँ |
| विधि | विवरण |
| Poloxalene injection | Bloat Guard / Poloxalene 30–60 g — मुँह से या Stomach tube से |
| Dimethicone injection | Antifoaming agent — Stomach tube द्वारा रूमेन में — पशु चिकित्सक |
| Turpentine Oil | 30–60 ml Turpentine oil + 300 ml पानी — मुँह से (हल्के मामले) |
| Trocar & Cannula | आपातकाल में — बायीं पसली के hollow (Paralumbar fossa) में सुई डालकर गैस निकालना |
| Trocar स्थान | बायाँ Paralumbar fossa — पसली और कूल्हे की हड्डी के बीच का गड्ढा |
| Trocar का साइज़ | Large Trocar & Cannula — पशु चिकित्सक के पास उपलब्ध |
| Procaine Penicillin | Trocar के बाद infection रोकने के लिए IM injection — पशु चिकित्सक द्वारा |
| IV Fluids | गम्भीर मामलों में Dextrose Saline IV — पशु चिकित्सक द्वारा |
Trocar खुद न लगाएँ — गलत जगह लगाने से आंत में छेद हो सकता है। केवल पशु चिकित्सक ही Trocar लगाएँ। घर पर Antifoaming agent और मालिश से काम चलाएँ।
घर पर पहली मदद: गाय को चलाएँ, नमक + सरसों तेल (250 ml) पिलाएँ, पेट की मालिश करें। 15–20 मिनट में आराम न हो तो तुरंत पशु चिकित्सक बुलाएँ।
💉 टीकाकरण वार्षिक कैलेंडर
नीचे दिया गया टीकाकरण चार्ट ICAR-IVRI, Bareilly और भारत सरकार के पशुपालन विभाग की अनुशंसाओं पर आधारित है।
| रोग |
टीके का प्रकार |
पहला टीका |
पुनः टीकाकरण |
सर्वोत्तम समय |
IVRI उपलब्धता |
| खुरपका-मुंहपका (FMD) |
Inactivated Trivalent (O+A+Asia-1) |
4 माह |
हर 6 माह |
जनवरी + जुलाई |
✔ IVRI + GoI Free |
| गलघोंटू (HS) |
Oil Adjuvant HS Vaccine |
6 माह |
वार्षिक |
मई–जून (वर्षा से पहले) |
✔ IVRI, Izatnagar |
| एकटंगिया (BQ) |
Formalin-inactivated BQ Vaccine |
6 माह + बूस्टर 1 माह |
वार्षिक |
मई–जून |
✔ IVRI, Izatnagar |
| गिल्टी (Anthrax) |
Live Anthrax Spore Vaccine (Sterne) |
6 माह |
वार्षिक |
प्रकोप क्षेत्र में — मार्च–अप्रैल |
✔ IVRI, Izatnagar |
| लंपी स्किन (LSD) |
Lumpi-ProVacInd (Live Attenuated) |
4 माह से |
वार्षिक |
मार्च–अप्रैल (या प्रकोप में तुरंत) |
✔ IVRI + NRCE |
| IBR |
MLV / KV Vaccine |
4–6 माह |
वार्षिक |
प्रजनन सीज़न से पहले |
पशु चिकित्सक से |
| थनैला (Mastitis) |
Mastitis Vaccine (S. aureus/Str.) |
गर्भावस्था में |
वार्षिक |
Dry period में |
IVRI + Commercial |
| HS + BQ Combined |
Combined HS-BQ Vaccine |
6 माह |
वार्षिक |
मई–जून (वर्षा से पहले) |
✔ IVRI + Commercial |
📋 त्वरित सन्दर्भ चार्ट — रोग पहचान
| रोग |
रोग श्रेणी |
मुख्य लक्षण |
मृत्यु दर |
तत्काल क्या करें? |
| FMD (खुरपका-मुंहपका) |
वायरल |
मुंह-खुर पर छाले · लार · लंगड़ाना |
1–5% |
आइसोलेशन · घाव धोएँ · पशु चिकित्सक |
| लंपी स्किन (LSD) |
वायरल |
शरीर पर गाँठें · बुखार · दूध कमी |
1–5% |
आइसोलेशन 28 दिन · मच्छर नियंत्रण |
| गलघोंटू (HS) |
जीवाणु |
गले सूजन · घुरघुराना · बुखार |
90–100% |
तुरंत पशु चिकित्सक · Oxytetracycline IV |
| ब्लैक क्वार्टर (BQ) |
जीवाणु |
मांसपेशी काली · Crepitus · बुखार |
80–100% |
तुरंत Penicillin G IV · पशु चिकित्सक |
| एंथ्रेक्स (Anthrax) |
जीवाणु (Zoonotic) |
अचानक मृत्यु · काला खून |
80–100% |
शव न छुएँ · पशु विभाग को तुरंत सूचित |
| थनैला (Mastitis) |
जीवाणु |
थन सूजन · दूध में मवाद |
कम |
CMT test · Intramammary Infusion |
| थाइलेरिया |
परजीवी |
बुखार · पीलिया · लाल पेशाब |
30–50% |
Buparvaquone IM · Tick control |
| दुग्ध ज्वर (Milk Fever) |
चयापचय |
ब्याने के बाद उठ न पाना · गर्दन मुड़ना |
5–10% |
Calcium Borogluconate IV · तुरंत |
| अफारा (Bloat) |
पाचन |
बायाँ पेट फूलना · साँस कठिनाई |
10–30% |
Antifoaming agent · Stomach tube · Trocar |
| IBR |
वायरल |
नाक बहना · खाँसी · गर्भपात |
5–10% |
आइसोलेशन · Antibiotics (secondary) |
ICAR-IVRI हेल्पलाइन: ICAR-Indian Veterinary Research Institute, Izatnagar, Bareilly (UP) — 243122 | वेबसाइट: ivri.nic.in | पशु रोग निदान सेवाएँ उपलब्ध